बाल कविता  ( *चीन की बीमारी कोरोना* )
बाल कविता 

 

 *चीन की बीमारी कोरोना* 

 

मैं  चीन  की  बीमारी

बनी जग में महामारी ।

छींक हैं मेरी  लक्षण

मेरा जीवाणु विलक्षण ।।

 

सारी दुनिया भयभीत

खांसी, सिरदर्द में छाई ।

सांस लेने में तकलीफ

समझ लेना कोरोना आई ।।

 

मॉस्क,सेनिटाइजर,हैंडवॉश

थोडी  दूरी , साफ -  सफाई ।

हमारी सावधानी, सर्तकता

देख कोरोना हो हवा-हवाई ।।

 

           ✍ *गोपाल कौशल* 

        नागदा जिला धार मध्यप्रदेश