Tuesday, August 11, 2020

विज्ञान एवं अध्यात्म के माध्यम से तनाव मुक्ति पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय का संयुक्त उपक्रम देश के लगभग हर राज्य से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया

विज्ञान एवं अध्यात्म के माध्यम से तनाव मुक्ति पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय का संयुक्त उपक्रम


देश के लगभग हर राज्य से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया


नागपुर। किसी भी तरह की आपदा हो उसका सर्वाधिक विपरीत प्रभाव बच्चों पर ही पड़ता हैं, कोविड -19 की इस अभूतपूर्व विकट स्थिति के दौरान सामने आई सभी अद्वितीय चुनौतियों पर चर्चा करने एवं उनसे निपटने के उद्देश्य से तथा इन परिस्थितियों की वजह से लोगों में उत्पन्न तनाव को विज्ञान एवं अध्यात्म दोनों का एक साथ प्रयोग कर कैसे कम किया जा सकता है, इन विषयों पर चर्चा हेतु बाल केन्द्रित आपदा जोखिम न्यूनीकरण (सीसीडीआरआर) केंद्र, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय, नागपुर के संयुक्त  तत्वावधान में दि. 08/08/2020  को एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार "विज्ञान एवं अध्यात्म के माध्यम से तनाव मुक्ति - बच्चें, शिक्षक एवं पालकों के सन्दर्भ में" का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन एनआईडीएम के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल मनोजकुमार बिंदल एवं सिंधी हिंदी विद्या समिती के अध्यक्ष श्री एच.आर. बाखरू के मुख्य संरक्षण में किया गया. वेबिनार का उदघाटन करते श्री एच.आर. बाखरू ने आयोजन की आवश्यकता एवं उसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं अध्यात्म के संगम से लोगो को तनाव से निश्चित रूप से राहत प्राप्त हो सकेगी. मुख्य वक्ता आर्ट ऑफ़ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक एवं जाने-माने प्रेरक वक्ता श्री नीरज अग्रवाल ने कहा कि विज्ञान एवं अध्यात्म हमेशा एक दुसरे के पूरक रहें हैं, दोनों में कभी किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं रहा हैं. किसी समस्या से निपटने के लिए यदि विज्ञान एवं अध्यात्म दोनों का सहारा लिया जाए तो समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है. श्री नीरज अग्रवाल ने जीवन के सात स्तर, ध्यान, योग एवं आहार-विहार  मानव के अंतर्मन   पर किस तरह से प्रभाव डालते है तथा इनके संतुलन से मानसिक तनाव को कैसे कम किया जा सकता हैं इस बारे में विस्तार से मार्गदर्शन किया. दुसरे सत्र की वक्ता मनोवैज्ञानिक सलाहकार कु. नम्रता शर्मा ने तनाव प्रबंधन हेतु विभिन्न तकनीकों को बड़ी सरलता से समझाया. इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रेरणा स्त्रोत प्रो. संतोषकुमार, एनआईडीएम, सिंधी हिंदी विद्या समिती के चेयरमैन डॉ. विंकी रूघवानी एवं महासचिव डॉ. आई.पी. केसवानी ने भी विशेष रूप से मार्गदर्शन किया. वेबिनार का आयोजन डीआरबी सिंधू महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. संतोष कसबेकर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ. वेबिनार में देश के लगभग हर राज्यों से प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर लाभ प्राप्त किया। वेबिनार संयोजक डॉ. कुमार राका, कार्यक्रम अधिकारी, सीसीडीआरआर, एनआईडीएम एवं वेबिनार संयोजक श्री नवीन महेशकुमार अग्रवाल, रजिस्ट्रार, दादा रामचंद बाखरू सिंधू महाविद्यालय ने वेबिनार का संचालन किया.  कार्यक्रम की सफलता हेतु एनआईडीएम एवं डीआरबी सिंधू महाविद्यालय के सभी सदस्यों ने प्रयास किया.


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