बालगीत.       नन्हें नन्हें कदम  (स्वरचित)
बालगीत.       नन्हें नन्हें कदम  (स्वरचित)



नन्हें नन्हें कदम चलते रहे यूंही तुम्हारे। 

लम्बी उम्र हो जीते रहे हम तुम्हारे सहारे।।

 

देते रहें खेलने के लिए सब खिलौने सारे।

चांदनी हो दिखाये चांद में बुढिया नानी तारे।।

 

मुस्कान ऐसी है खिलखिलाये हो फूल सारे।

भोलापन मुस्कान में हमेशा सबको सुहाये।।

 

 रहे सारी बलाये हमेशा दूर सर से तुम्हारे।

खिलखिलाहट से घर वाले सारे मुस्कराये।।

 

मम्मी पापा सभी का लाडला हो राजदुलारे। 

मुस्काये ऐसा तू ऐसा करें प्यार दुलार करे सारे।

 

हीरा सिंह कौशल 

गांव व डा महादेव सुंदरनगर मंडी