कोरोना /प्रार्थना

कोरोना /प्रार्थना




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दया करो कोरोना भइया 

दया करो कोरोना भइया

निस दिन तुम हो डराते

सपनों में भी तुम ही आते

दया करो कोरोना भइया

भइया दया करो कोरोना भइया

 

विदेश से चलकर तुम आए

बिन बुलाए ही चले हो आए

शर्म नहीं तुमको क्यों न आए

दूर हो जाओ अब धरती से

दया करो कोरोना भइया

भइया दया करो...

 

क़ैद में है मानव घरों में

भय व्याप्त है दिलों में

छूते ही तुम समा जाते

प्राण साँसत में है, तुम क्यों नहीं जाते

दया करो कोरोना भइया

भइया दया करो...

 

हाँथ धो धो कर हम हैं हल्कान

मुँह पर मास्क किया है परेशान

बंद पड़े हैं भगवान

दया करो कोरोना भइया

दया करो कोरोना...

 

जीवों को अब ना मारेंगे

सफ़ाई से अब हम रहेंगे

प्रकृति से खिलवाड़ न करेंगे

मिल जुलकर हम रहेंगे

दया करो कोरोना भइया

दया करो...

 

 

भगा कर ही हम दम लेंगे

चूप चाप हम न बैठेंगे

कोरोना विहीन धरा करेंगे

मानव को तुम डरावो ना

दया करो कोरोना भइया

दया करो ...

 

इतनी सी है मेरी याचना

जल्दी से सुन लो ना

भेद भाव तुम नहीं करते

दिखाई भी नहीं पड़ते

फिर भी महामारी फैलाते

 

बहुत हुआ अब तो दया करो ना

भइया दया करो कोरोना

भइया दया करो कोरोना

दया करो ....

 

सविता गुप्ता -मौलिक

राँची/झारखंड