Impact Factor - 7.125

Saturday, February 15, 2020

 मायने  (लघुकथा)

 चिंत राम को हर समय चिंता सताती थी कैसे मैं अपने बच्चों का जीवन सुखी करूं। इसी में चिंत राम ने अपनी रिश्तों व सागे-संबंधियों की भावनाओं को नजरअंदाज करके उनसे बेइमानी करने से भी नहीं कतराता था। आज उसे उन बच्चों का करारा सा जबाब मिला था कि पापा आपने तो हमारे सारे संबंधियों से रिश्तेदारी खत्म कर डाली उस संपत्ति का क्या करेंगे जो हमें समाज और सगे-संबंधियों से दूर करें और जो ईमानदारी की न हो। चिंत राम जिसने अपने सुख की परवाह नहीं की और येन केन प्रकारेण व रिश्तों को भी नहीं समझा इस प्रकार अपने बच्चों की बात सुन कर सन हो गया तथा रिश्तों के मायने समझ तो आये पंरतु बहुत देर हो चुकी थी। 



 

हीरा सिंह कौशल 

गांव व डा महादेव 

तहसील सुन्दर नगर जिला मंडी हिमाचल प्रदेश मोबाइल 9418144751

Aksharwarta's PDF

Aksharwarta International Research Journal (June - 2023 issue)